मनीषी एवं वैज्ञानिक · ऋषिका · ब्रह्मवादिनी
दक्षिणा
दक्षिणा
दक्षिणा ऋग्वेद 10.107 में स्तुत दान का मानो जीवित रूप हैं; यह सूक्त उदारता को ही यज्ञ मानता है। इसी कारण पारंपरिक सूचियाँ उन्हें स्त्री-दृष्टाओं में गिनती हैं।
मुख्य तथ्य
- काल
- ऋग्वेद काल (परंपरा के अनुसार)
- field
- वैदिक सूक्त, दान की परंपरा
- sourcing
- परंपरा के अनुसार
