मनीषी एवं वैज्ञानिक · ऋषिका · ब्रह्मवादिनी
सुलभा मैत्रेयी
सुलभा मैत्रेयी
महाभारत की घुमक्कड़ संन्यासिनी सुलभा राजा जनक के इस दावे को परखती हैं कि वे मुक्त हो चुके हैं, और एक लंबे, कसे हुए तर्क से बताती हैं कि संन्यास बाहर का नहीं, भीतर का विषय है।
मुख्य तथ्य
- काल
- महाकाव्य काल
- field
- संन्यास, मुक्ति का विचार
- sourcing
- ग्रंथों में उल्लिखित
