मनीषी एवं वैज्ञानिक · ऋषिका · ब्रह्मवादिनी
सूर्या सावित्री
सूर्या सावित्री
सूर्या सावित्री ऋग्वेद 10.85 की वधू हैं — वही सूक्त जिससे आज भी हिन्दू विवाह के मंत्र लिए जाते हैं। परंपरा उन्हें उस सूक्त की वक्ता और दृष्टा दोनों मानती है जिसमें उनका विवाह होता है।
मुख्य तथ्य
- काल
- ऋग्वेद काल (परंपरा के अनुसार)
- field
- वैदिक सूक्त, विवाह-मंत्र
- sourcing
- परंपरा के अनुसार
