मनीषी एवं वैज्ञानिक · ऋषिका · ब्रह्मवादिनी
वाक् आम्भृणी
वाक् आम्भृणी
वाक् आम्भृणी का देवी-सूक्त किसी स्त्री के नाम से जुड़ा सबसे गहरा विचार-सूक्त है: वाणी स्वयं कहती है कि वही सब देवताओं को धारण करती है। शाक्त परंपरा इसे देवी का अपना परिचय मानती है।
मुख्य तथ्य
- काल
- ऋग्वेद काल (परंपरा के अनुसार)
- field
- वैदिक सूक्त, वाणी का दर्शन
- sourcing
- ग्रंथों में उल्लिखित
